ek na ek zulmat se jab wabasta rahna hai to 'josh' zindagi par saya-e-zulf-e-pareshan kyun na ho
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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बादबाँ नाज़ से लहरा के चली बाद-ए-मुराद कारवाँ ईद मना क़ाफ़िला-सालार आया
Josh Malihabadi
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मर के पाया शहीद का रुत्बा मेरी इस ज़िन्दगी की उम्र दराज़
Josh Malihabadi
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सुबूत है ये मोहब्बत की सादा-लौही का जब उस ने वा'दा किया हम ने ए'तिबार किया
Josh Malihabadi
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इश्क़ में कहते हो हैरान हुए जाते हैं ये नहीं कहते कि इंसान हुए जाते हैं
Josh Malihabadi
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सुबूत है ये मोहब्बत की सादा-लौही का जब उस ने वा'दा किया हम ने ए'तिबार
Josh Malihabadi
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