इक फूल को कर के जुदा इक पेड़ से कितनी ख़ुशी से मिल रहे दो दिल यहाँ
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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ये ज़िन्दगी जब भटका जाती है मुझे तब मौत ही रस्ता दिखाती है मुझे जब ग़म मिरा सोने नहीं देता कभी तेरी ख़ुशी जानाँ सुलाती है मुझे
Pushkar Tripathi
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पहले ख़यालों को उतारा पन्ने पर मैं ने मगर फिर उस पे स्याही फेंक दी
Pushkar Tripathi
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इतना बड़ा संसार है फिर भी मुझे चाहत हुई उस ही की जो मेरा नहीं
Pushkar Tripathi
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मेरा ज़रूरी इस लिए था डूबना तिनके की ताकत जानने को मिल गई
Pushkar Tripathi
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देख लेते तेरी सूरत पर हमें भी कब ख़यालों से तिरे फ़ुर्सत थी जानाँ
Pushkar Tripathi
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