पहले ख़यालों को उतारा पन्ने पर मैं ने मगर फिर उस पे स्याही फेंक दी
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ये ज़िन्दगी जब भटका जाती है मुझे तब मौत ही रस्ता दिखाती है मुझे जब ग़म मिरा सोने नहीं देता कभी तेरी ख़ुशी जानाँ सुलाती है मुझे
Pushkar Tripathi
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मैं भुला दूँगा उसे कुछ वक़्त में बस इक ज़माना हो रहा ये झूठ बोले
Pushkar Tripathi
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देख लेते तेरी सूरत पर हमें भी कब ख़यालों से तिरे फ़ुर्सत थी जानाँ
Pushkar Tripathi
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मेरा ज़रूरी इस लिए था डूबना तिनके की ताकत जानने को मिल गई
Pushkar Tripathi
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इतना बड़ा संसार है फिर भी मुझे चाहत हुई उस ही की जो मेरा नहीं
Pushkar Tripathi
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