इतना बड़ा संसार है फिर भी मुझे चाहत हुई उस ही की जो मेरा नहीं
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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अब उस की शादी का क़िस्सा न छेड़ो बस इतना कह दो कैसी लग रही थी
Zubair Ali Tabish
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ये ज़िन्दगी जब भटका जाती है मुझे तब मौत ही रस्ता दिखाती है मुझे जब ग़म मिरा सोने नहीं देता कभी तेरी ख़ुशी जानाँ सुलाती है मुझे
Pushkar Tripathi
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मेरा ज़रूरी इस लिए था डूबना तिनके की ताकत जानने को मिल गई
Pushkar Tripathi
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पहले ख़यालों को उतारा पन्ने पर मैं ने मगर फिर उस पे स्याही फेंक दी
Pushkar Tripathi
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अब छोड़ कर तन्हा मुझे मसरूफ़ है वो भी कहीं उस के लिए भी मैं फ़क़त तदबीर था तन्हाई का
Pushkar Tripathi
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इक फूल को कर के जुदा इक पेड़ से कितनी ख़ुशी से मिल रहे दो दिल यहाँ
Pushkar Tripathi
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