ek raat chandni mere bistar pe aai thi main ne tarash kar tera chehra bana diya
Related Sher
कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
206 likes
किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
203 likes
नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
183 likes
जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते हैं ख़ामोशी जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफ़ान कहते हैं
Rahat Indori
132 likes
निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी
Fahmi Badayuni
123 likes
More from Ahmad Mushtaq
यार सब जम्अ' हुए रात की ख़ामोशी में कोई रो कर तो कोई बाल बना कर आया
Ahmad Mushtaq
22 likes
रोज़ मिलने पे भी लगता था कि जुग बीत गए इश्क़ में वक़्त का एहसास नहीं रहता है
Ahmad Mushtaq
24 likes
हम अपनी धूप में बैठे हैं 'मुश्ताक़' हमारे साथ है साया हमारा
Ahmad Mushtaq
25 likes
ये पानी ख़ामुशी से बह रहा है इसे देखें कि इस में डूब जाएँ
Ahmad Mushtaq
34 likes
मैं बहुत ख़ुश था कड़ी धूप के सन्नाटे में क्यूँँ तेरी याद का बादल मेरे सर पर आया
Ahmad Mushtaq
38 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ahmad Mushtaq.
Similar Moods
More moods that pair well with Ahmad Mushtaq's sher.







