इख़्तियार इस लिए दोनों ने ख़मोशी करली गुफ़्तगू नफ़्स की तौहीन तलक आ गई थी
Related Sher
गीत लिक्खे भी तो ऐसे के सुनाएँ न गए ज़ख़्म यूँँ लफ़्ज़ों में उतरे के दिखाएँ न गए आज तक रक्खे हैं पछतावे की अलमारी में एक दो वादे जो दोनों से निभाएँ न गए
Farhat Abbas Shah
63 likes
मैं न कहता था हिज्र कुछ भी नहीं ख़ुद को हलकान कर रही थी तुम कितने आराम से हैं हम दोनों देखा बेकार डर रही थी तुम
Mehshar Afridi
62 likes
आइने की आँख ही कुछ कम न थी मेरे लिए जाने अब क्या क्या दिखाएगा तुम्हारा देखना
Parveen Shakir
58 likes
अँगूठी के लिए पैसा नहीं था किया इज़हार हम ने शे'र से ही
Tanoj Dadhich
58 likes
ये इल्म का सौदा ये रिसाले ये किताबें इक शख़्स की यादों को भुलाने के लिए हैं
Jaan Nisar Akhtar
67 likes
More from Amaan Haider
तू देख लेना तिरी रुख़्सती के बा'द में हम लिबास-ए-सोग में घू मेंगे तेरी गलियों में
Amaan Haider
0 likes
पहुँच ही जाएगा मुझ तक वो जुस्तुजू में मिरी सुनाई देती है जिस को मिरे वुजूद की धुन
Amaan Haider
1 likes
दुश्वार हुआ जाता है बन-वास में जीना जल्दी से मुझे राम-कहानी से निकालो
Amaan Haider
1 likes
ऐ परिंदों आनकर बैठो सर-ए-शाख़-ए-अज़ा हम दरख़्तों को शऊर-ए-मर्सिया ख़्वानी भी है
Amaan Haider
0 likes
लंबी नहीं चलेगी मेरी ज़िन्दगी की फ़िल्म थक जाऊँगा निभाके मैं किरदार अनक़रीब
Amaan Haider
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Amaan Haider.
Similar Moods
More moods that pair well with Amaan Haider's sher.







