इस से पहले कि ज़मीं-ज़ाद शरारत कर जाएँ हम सितारों ने ये सोचा है कि हिजरत कर जाएँ दौलत-ए-ख़्वाब हमारे जो किसी काम न आई अब किसी को नहीं मिलने की वसिय्यत कर जाएँ
Related Sher
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
130 likes
बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे
Nida Fazli
55 likes
बे-दिली क्या यूँँही दिन गुज़र जाएँगे सिर्फ़ ज़िंदा रहे हम तो मर जाएँगे
Jaun Elia
105 likes
More from Idris Babar
टेंशन से मरेगा न कोरोने से मरेगा इक शख़्स तेरे साथ न होने से मरेगा
Idris Babar
27 likes
उस का नंबर नहीं किसी ने लिया सब समझते रहे परी होगी
Idris Babar
32 likes
सुना है मरते नहीं प्यार में अनारकली तो कैसा लगता है दीवार में अनारकली?
Idris Babar
44 likes
उस की जानिब से भी चाहा है बराबर ख़ुद को मैं ने इक-तरफ़ा मुहब्बत तो कभी की ही नहीं
Idris Babar
44 likes
वो बहुत दूर है मगर मिरे पास एक ही सम्त का कराया है
Idris Babar
38 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Idris Babar.
Similar Moods
More moods that pair well with Idris Babar's sher.







