इश्क़ का मैं पयाम हो जाऊँ या'नी तेरा ग़ुलाम हो जाऊँ चाहती हो कि इस मुहब्बत में अब मैं भी बे-लगाम हो जाऊँ
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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यूँँ मोहब्बत की क़सम खा बिछड़े वहाँ इक अलग दुनिया बसाई हम ने जहाँ मुझ से डरती है मेरी परछाई भी अब सो है मेरे साथ बस तन्हाई यहाँ
Shams Amiruddin
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दौलत भी शोहरत भी निछावर तुझ पे सब रस्म-ए-मोहब्बत तुम निभाओ तो सही
Shams Amiruddin
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मैं एक रोज़ ख़ुद को ऐसा बनाऊँगा ओ खोने वाले तुझ को फिर याद आऊँगा आती है इस क़दर मुझ को याद गाँव की तुम देखना किसी दिन मैं लौट आऊँगा
Shams Amiruddin
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इंसाँ के रग से ख़ूँ बहाए जिस ने कल डर तक न थी चेहरे पे उस ख़ूँ-ख़ार के
Shams Amiruddin
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सुनो न जान मेरी आज शाम तुम ठहर जाओ शराब की मिरी ये तिश्नगी बुझा के घर जाओ
Shams Amiruddin
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