सुनो न जान मेरी आज शाम तुम ठहर जाओ शराब की मिरी ये तिश्नगी बुझा के घर जाओ
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
More from Shams Amiruddin
यूँँ मोहब्बत की क़सम खा बिछड़े वहाँ इक अलग दुनिया बसाई हम ने जहाँ मुझ से डरती है मेरी परछाई भी अब सो है मेरे साथ बस तन्हाई यहाँ
Shams Amiruddin
0 likes
मुस्कान उस ने छीन ली लब से मिरे मैं धुन सुनाया करता था जिस प्यार के
Shams Amiruddin
0 likes
दौलत भी शोहरत भी निछावर तुझ पे सब रस्म-ए-मोहब्बत तुम निभाओ तो सही
Shams Amiruddin
0 likes
किरदार देखें हम ने बा-किरदार के वो शख़्स कल पीछे दिखा दीवार के
Shams Amiruddin
0 likes
मोहब्बत जो समझते हैं वहीं हम को समझते हैं फ़क़त अब हम हक़ीकत भी यूँँ ख़्वाबों को समझते हैं
Shams Amiruddin
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shams Amiruddin.
Similar Moods
More moods that pair well with Shams Amiruddin's sher.







