इतना तो ज़िन्दगी में किसी के ख़लल पड़े हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े जिस तरह हँस रहा हूँ मैं पी पी के गर्म अश्क यूँँ दूसरा हँसे तो कलेजा निकल पड़े
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े
Kaifi Azmi
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जो इक ख़ुदा नहीं मिलता तो इतना मातम क्यूँँ यहाँ तो कोई मिरा हम-ज़बाँ नहीं मिलता
Kaifi Azmi
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अपना पता मिले न ख़बर यार की मिले दुश्मन को भी न ऐसी सज़ा प्यार की मिले उन को ख़ुदा मिले, है ख़ुदा की जिन्हें तलाश मुझ को बस इक झलक मेरे दिलदार की मिले
Kaifi Azmi
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बहार आए तो मेरा सलाम कह देना मुझे तो आज तलब कर लिया है सहरा ने
Kaifi Azmi
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कोई तो सूद चुकाए कोई तो ज़िम्मा ले उस इंक़िलाब का जो आज तक उधार सा है
Kaifi Azmi
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