jab chali thandi hawa bachcha thithur kar rah gaya man ne apne lal ki takhti jala di raat ko
sherKuch Alfaaz
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किताबें बंद कर के जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ तुम्हारी याद भी आ कर बगल में लेट जाती है
Bhaskar Shukla
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उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे
Vikram Gaur Vairagi
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जब भी उस की गली में भ्रमण होता है उस के द्वार पर आत्मसमर्पण होता है किस किस से तुम दोष छुपाओगे अपने प्रिये अपना मन भी दर्पण होता है
Azhar Iqbal
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रूठा था मैं बहुत दिनों से मान गया लेकिन कान पकड़ कर जब वो बोली सोरी-वोरी सब
Sandeep Thakur
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इक नज़ाकत से मुझे उस ने पागल बोला जब मैं ने चूम लिया प्यार से उस के लब को
Parwez Akhtar
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