जब ख़ुदा की दो निगाहें अश्क से यूँँ भर गई सब दुआएँ हूर बन कर आसमाँ सर कर गई
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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तेरे माथे को चूमूँ मैं मुहब्बत भर के देखूँ हवस से ख़ाली होकर रूह के ग़म हर के देखूँ
Manish
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रूह के ज़ख़्म की सब दवा मिल गई जब मोहब्बत की तेरे हवा मिल गई
Manish
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परस्तिश नेक हो मंदिर अज़ानों से बरसती हैं दुआएँ आसमानों से
Manish
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माँ मेरी काम ख़ुदा का करती सब दुआ काम दवा का करती
Manish
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ख़ुशबू मोहब्बत की तेरी हर श्वास में है कब से मेरा दिल इस सबब एहसास में है
Manish
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