jab lagen zakhm to qatil ko dua di jae hai yahi rasm to ye rasm utha di jae
sherKuch Alfaaz
Related Sher
मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है
Tehzeeb Hafi
213 likes
हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
174 likes
तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
200 likes
हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
179 likes
सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती है कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है
Nawaz Deobandi
60 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Jan Nisar Akhtar.
Similar Moods
More moods that pair well with Jan Nisar Akhtar's sher.







