जब से हासिल हुआ है वो मुझ को ख़्वाब आने लगे बिछड़ने के
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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दश्त जैसी उजाड़ हैं आँखें इन दरीचों से ख़्वाब क्या झांकें
Siraj Faisal Khan
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उस के दिल की आग ठंडी पड़ गई मुझ को शोहरत मिल गई इल्ज़ाम से
Siraj Faisal Khan
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बिछड़ जाएँगे हम दोनों ज़मीं पर ये उस ने आसमाँ पर लिख दिया है
Siraj Faisal Khan
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मैं संग-ए-मील था तो ये करना पड़ा मुझे ता-उम्र रास्ते में ठहरना पड़ा मुझे
Siraj Faisal Khan
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वो एक शख़्स जो दिखने में ठीक-ठाक सा था बिछड़ रहा था तो लगने लगा हसीन बहुत
Siraj Faisal Khan
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