दश्त जैसी उजाड़ हैं आँखें इन दरीचों से ख़्वाब क्या झांकें
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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बिछड़ जाएँगे हम दोनों ज़मीं पर ये उस ने आसमाँ पर लिख दिया है
Siraj Faisal Khan
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दिल की दीवार पर सिवा उस के रंग दूजा कोई चढ़ा ही नहीं
Siraj Faisal Khan
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वो एक शख़्स जो दिखने में ठीक-ठाक सा था बिछड़ रहा था तो लगने लगा हसीन बहुत
Siraj Faisal Khan
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वो कभी आग़ाज़ कर सकते नहीं ख़ौफ़ लगता है जिन्हें अंजाम से
Siraj Faisal Khan
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ख़ौफ़ आता है अपने साए से हिज्र के किस मक़ाम पर हूँ मैं
Siraj Faisal Khan
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