ख़ौफ़ आता है अपने साए से हिज्र के किस मक़ाम पर हूँ मैं
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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दुख अपना अगर हम को बताना नहीं आता तुम को भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता
Waseem Barelvi
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उस के दिल की आग ठंडी पड़ गई मुझ को शोहरत मिल गई इल्ज़ाम से
Siraj Faisal Khan
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दश्त जैसी उजाड़ हैं आँखें इन दरीचों से ख़्वाब क्या झांकें
Siraj Faisal Khan
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बिछड़ जाएँगे हम दोनों ज़मीं पर ये उस ने आसमाँ पर लिख दिया है
Siraj Faisal Khan
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इश्क़ मेरी ज़बान से निकला और मैं ख़ानदान से निकला
Siraj Faisal Khan
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आज मेरी इक ग़ज़ल ने उस के होंटों को छुआ आज पहली बार अपनी शा'इरी अच्छी लगी
Siraj Faisal Khan
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