जब उन को बाहें फैलाए देखा तो याद हमें आई सावन के झूलों की
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो कितने सच्चे दिल से झूठी क़स में खाती हो
Tehzeeb Hafi
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हम को यारों ने याद भी न रखा 'जौन' यारों के यार थे हम तो
Jaun Elia
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ग़म-ए-दुनिया से आगे कुछ नहीं है जहाँ तुम आशनाई कर रही हो
Rohit Gustakh
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तुम्हारी बज़्म हैं तो क्या करोगे इश्क़ को रुस्वा अदब से महफिलें चलती हैं हुक्मों से नहीं चलती
Rohit Gustakh
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ये भी मशहूर था कूचे में उस के जिसे तुम लोग पागल कह रहे हो
Rohit Gustakh
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ज़माने में किसी से दिल लगाकर किसी का दिल दुखाया था किसी ने
Rohit Gustakh
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अपने इस दिल को पत्थर कर लेंगे हम ख़ुद को तुझ से कमतर कर लेंगे दुनिया बहरी हो जाएगी इक दिन इतनी ख़ामोशी अंदर कर लेंगे
Rohit Gustakh
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