मैं ने जैसी चाही थी ना वैसी इन में खनखन नइँ जितने प्यारे हाथ हैं तेरे उतने प्यारे कंगन नइँ
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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लोगों को उस का नाम बताने से रह गया इक लफ़्ज़ था जो शे'र में आने से रह गया इस बार भी उसी की सुनी उस की मान ली इस बार भी मैं अपनी सुनाने से रह गया
Varun Anand
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ये कितनी लाशें सहेजे किसे कहाँ रक्खें कि तंग आ गई है अब ज़मीन लोगों से
Varun Anand
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बड़ी जल्दी में था उस दिन ज़रा बेचैन भी था वो उसे कहना था कुछ मुझ सेे मगर वो कह नहीं पाया
Varun Anand
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तेरे कहने से ये जादू नहीं होने वाला अब सितारा कोई जुगनू नहीं होने वाला फिर भी बेताब हूँ कितना मैं तेरा होने को जानता हूँ कि मेरा तू नहीं होने वाला
Varun Anand
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मेरे क़ुबूल पे उस ने क़ुबूल कह तो दिया पर एक बार कहा उस ने तीन बार नहीं
Varun Anand
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