जीते कब तक रहे किसी और के उम्मीदों के सहारे अच्छे दिन
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे
Vikram Gaur Vairagi
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तुम मुझे चर्चों में मेरे बा'द रखना याद आऊं मुझ को ऐसे याद रखना
Kohar
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ज़ख़्म अपनों से मिले है ग़ैर पूछे हाल मेरा
Kohar
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ज़िक्र अब भी मेरा किया होगा नाम इक मरतबा लिया होगा ग़म उसे ना सहें गए हो जब जाम पे जाम फिर पिया होगा
Kohar
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मैं सब से हंस के बातें करता हूँ मैं अब भी उस से बातें करता हूँ
Kohar
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मैं पहले भी तो तुम से ये कह चुका हूँ मुश्किल से शब-ए-हिज्र को सह चुका हूँ कभी नींव पक्की मोहब्बत की थी जिस की वही मैं किला हूँ जो अब ढ़ह चुका हूँ
Kohar
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