sherKuch Alfaaz

जो सारे ज़ख़्म मेरे भर दिया करता उसी के नाम का ख़ंजर बनाया है

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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या

Jaun Elia

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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे

Mirza Ghalib

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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है

Jawwad Sheikh

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मैं साँसें तक लुटा सकता हूँ उस के इक इशारे पर मगर वो मेरे हर वादे को सरकारी समझता है

Rahat Indori

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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है

Tehzeeb Hafi

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