ख़ुदा बचाए तिरी मस्त मस्त आँखों से फ़रिश्ता हो तो बहक जाए आदमी क्या है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
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गुनाहगार को इतना पता तो होता है जहाँ कोई नहीं होता ख़ुदा तो होता है
Waseem Barelvi
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दूसरों पर अगर तब्सिरा कीजिए सामने आइना रख लिया कीजिए
Khumar Barabankvi
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इलाही मिरे दोस्त हों ख़ैरियत से ये क्यूँँ घर में पत्थर नहीं आ रहे हैं
Khumar Barabankvi
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हुस्न जब मेहरबाँ हो तो क्या कीजिए इश्क़ के मग़्फ़िरत की दुआ कीजिए
Khumar Barabankvi
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ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही
Khumar Barabankvi
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रात बाक़ी थी जब वो बिछड़े थे कट गई उम्र रात बाक़ी है
Khumar Barabankvi
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