ख़ुदा ख़ुद को समझते हो तो समझो मगर इक रोज़ मर जाना है तुम को
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे
Ali Zaryoun
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लगाना बाग़ तो उस में मोहब्बत भी ज़रा रखना परिंदों के बिना कोई शजर पूरा नहीं होता
Shakeel Azmi
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मेरे होंटों पे ख़ामुशी है बहुत इन गुलाबों पे तितलियाँ रख दे
Shakeel Azmi
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कच्ची 'उम्रों में हमें काम पर लगा दिया गया हम वो बच्चे जो जवानी से अलग कर दिए गए
Shakeel Azmi
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आदमी होता है माहौल से अच्छा या बुरा जानवर घर में रखे जाएँ तो इंसान से हैं
Shakeel Azmi
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तुम ने स्वेटर बुना था मिरे नाम का मैं भी लाया था कुछ सर्दियाँ जंगली
Shakeel Azmi
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