ख़ुशियाँ तो चल पड़ी पल भर में पराया कर के ध्यान तो ग़म ने रखा जैसे सगी माई हो
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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मुझ को जिन जिन लम्हों में तेरी ज़रूरत थी ना दोस्त हाँ उन्हीं लम्हों में तुम ने तन्हा छोड़ा था मुझे
Daqiiq Jabaalii
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तुझे भी ज़िंदगी से ग़म मिला है मुझे फिर कौन सा कुछ कम मिला है
Daqiiq Jabaalii
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मेरे क़रीब आ ज़रा नज़रें उतार दूँ ये ज़ुल्फ़ें क्या हैं ला तेरी किस्मत सँवार दूँ बैठी रहो यूँँ ही मेरी नज़रों के सामने तुम को निहारते हुए 'उम्रें गुज़ार दूँ
Daqiiq Jabaalii
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ज़िक्र करता था जो दिन भर उस का हिज्र में मर गया शायर उस का सुनता रहता हूँ पशेमाँ हो कर ज़िक्र जब करते हैं दीगर उस का
Daqiiq Jabaalii
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इधर पे हम हैं फ़क़त तुझ को जानते हैं 'दक़ीक़' तिरी तो इस से भी उस से भी आशनाई है
Daqiiq Jabaalii
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