कि जिस उम्र में ख़्वाब बुनते हैं सब लोग हम उस उम्र में शा'इरी कर रहे हैं
Related Sher
क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
306 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
More from Raj Tiwari
ख़ामुशी जिन को समझदार बनाती है 'राज' अपनी आवाज़ को वो लोग तरस जाते हैं
Raj Tiwari
0 likes
ज़िंदगी हर सबक़ सलीक़े से जाते जाते सिखाते जाती है
Raj Tiwari
1 likes
ज़िंदगी इक ख़ूब-सूरत हादिसा है शक्ल मिट्टी की घड़ी बहती हवा है आँसुओं से तुम सदा दो आएगा वो हाल-ए-दिल वो जानता है वो ख़ुदा है
Raj Tiwari
1 likes
मसअला क्या है ज़िंदगी के साथ ख़्वाब है आँखों में नमी के साथ एक तस्वीर मैं ने खींची कल मैं था तस्वीर में परी के साथ
Raj Tiwari
1 likes
लबों को कुछ तो नए साल क़हक़हे देना पुरानी आँखों को कुछ ख़्वाब अब नए देना
Raj Tiwari
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Raj Tiwari.
Similar Moods
More moods that pair well with Raj Tiwari's sher.







