ख़ामुशी जिन को समझदार बनाती है 'राज' अपनी आवाज़ को वो लोग तरस जाते हैं
Related Sher
तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
357 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
126 likes
मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है इबादत से गुज़ारा कर रहे है
Fahmi Badayuni
115 likes
पलक का बाल गिरे कब मैं कब तुझे माँगूँ मैं कशमकश में ये पलकें न नोच लूँ अपनी
Vishnu virat
60 likes
More from Raj Tiwari
ज़िंदगी इक ख़ूब-सूरत हादिसा है शक्ल मिट्टी की घड़ी बहती हवा है आँसुओं से तुम सदा दो आएगा वो हाल-ए-दिल वो जानता है वो ख़ुदा है
Raj Tiwari
1 likes
ज़बाँ दिल की यहाँ पर कौन समझे ख़मोशी को यहाँ सब मौन समझे
Raj Tiwari
1 likes
नद्दी झरने और समुंदर सूख गए खिड़की दरवाज़े हर इक दर सूख गए एक करिश्मा जो कि हमारे साथ हुआ आप इस तरह हमारे अंदर सूख गए
Raj Tiwari
1 likes
कल तलक ज़िंदगी की हक़ीक़त था जो आज वो शख़्स आँखों का इक ख़्वाब है
Raj Tiwari
1 likes
ये काफ़िर दिल किसी में मुब्तला था ख़ुदा याद आया इस को टूटने पर
Raj Tiwari
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Raj Tiwari.
Similar Moods
More moods that pair well with Raj Tiwari's sher.







