नद्दी झरने और समुंदर सूख गए खिड़की दरवाज़े हर इक दर सूख गए एक करिश्मा जो कि हमारे साथ हुआ आप इस तरह हमारे अंदर सूख गए
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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सूखे फूल संभाले हँसती रहती है औरत सारी उम्र ही लड़की रहती है
Aabi Makhnavi
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ज़िंदगी तुझ से भी क्या ख़ूब तअल्लुक़ है मिरा जैसे सूखे हुए पत्ते से हवा का रिश्ता
Khalish Akbarabadi
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कोई कहता था समुंदर हूँ मैं और मिरी जेब में क़तरा भी नहीं
Kaifi Azmi
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हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा मैं ही कश्ती हूँ मुझी में है समुंदर मेरा
Nida Fazli
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ख़ामुशी जिन को समझदार बनाती है 'राज' अपनी आवाज़ को वो लोग तरस जाते हैं
Raj Tiwari
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राज इस फ़ैसले पर ज़रा ग़ौर कर ज़िंदगी का सफ़र तन्हा कटता नहीं
Raj Tiwari
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ख़ाक से ख़ाक तलक का ये फ़साना होगा दिल तुम्हारा था तुम्हारा है तुम्हारा होगा शाम होते ही उसी शख़्स की याद आती है जिसे हम ने कभी सोचा था हमारा होगा
Raj Tiwari
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ज़मीं के ख़ुश्क पत्तों को हवाएँ ले उड़ीं जो शाख़ों से जुड़े थे वो हरे भरे रहे
Raj Tiwari
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मेरी और उस की कहानी एक सी है ग़ालिबन रो पड़ा है वो जो मेरी दास्ताँ सुनते हुए
Raj Tiwari
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