कोई कहता था समुंदर हूँ मैं और मिरी जेब में क़तरा भी नहीं
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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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अपना पता मिले न ख़बर यार की मिले दुश्मन को भी न ऐसी सज़ा प्यार की मिले उन को ख़ुदा मिले, है ख़ुदा की जिन्हें तलाश मुझ को बस इक झलक मेरे दिलदार की मिले
Kaifi Azmi
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इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े
Kaifi Azmi
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जो इक ख़ुदा नहीं मिलता तो इतना मातम क्यूँँ यहाँ तो कोई मिरा हम-ज़बाँ नहीं मिलता
Kaifi Azmi
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गर डूबना ही अपना मुक़द्दर है तो सुनो डूबेंगे हम ज़रूर मगर नाख़ुदा के साथ
Kaifi Azmi
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एक ज़ख़्म ऐसा न खाया कि बहार आ जाती दार तक ले के गया शौक़-ए-शहादत मुझ को
Kaifi Azmi
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