ख़ाक से ख़ाक तलक का ये फ़साना होगा दिल तुम्हारा था तुम्हारा है तुम्हारा होगा शाम होते ही उसी शख़्स की याद आती है जिसे हम ने कभी सोचा था हमारा होगा
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तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है
Rahat Indori
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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
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तुम्हारे नाम की हर लड़की से मिला हूँ मैं तुम्हारा नाम फ़क़त तुम पे अच्छा लगता है
Unknown
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ज़िंदगी हर सबक़ सलीक़े से जाते जाते सिखाते जाती है
Raj Tiwari
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तुम्हें देखे बहुत दिन हो गए हैं हम अब दिन गिन रहे हैं उँगलियों पर
Raj Tiwari
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नद्दी झरने और समुंदर सूख गए खिड़की दरवाज़े हर इक दर सूख गए एक करिश्मा जो कि हमारे साथ हुआ आप इस तरह हमारे अंदर सूख गए
Raj Tiwari
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ये बर्ग-ए-गुल हैं मौसम-ए-बहार के जो दिल पे छाले पड़ गए हैं प्यार के
Raj Tiwari
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ज़मीं के ख़ुश्क पत्तों को हवाएँ ले उड़ीं जो शाख़ों से जुड़े थे वो हरे भरे रहे
Raj Tiwari
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