ki mohabbat to siyasat ka chalan chhod diya hum agar ishq na karte to hukumat karte
Related Sher
हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
157 likes
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
140 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
157 likes
More from Unknown
कई जवाबों से अच्छी है ख़ामुशी मेरी न जाने कितने सवालों की आबरू रक्खे
Unknown
16 likes
ये साल भी उदासियाँ दे कर चला गया तुम से मिले बग़ैर दिसम्बर चला गया
Unknown
18 likes
लगता है कई रातों का जागा था मुसव्विर तस्वीर की आँखों से थकन झाँक रही है
Unknown
0 likes
क्या क़यामत है कि आरिज़ उन के नीले पड़ गए हम ने तो बोसा लिया था ख़्वाब में तस्वीर का
Unknown
23 likes
इन का उठना नहीं है हश्र से कम घर की दीवार बाप का साया
Unknown
20 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Unknown.
Similar Moods
More moods that pair well with Unknown's sher.







