किस मुँह से कह रहे हो हमें कुछ ग़रज़ नहीं किस मुँह से तुम ने वा'दा किया था निबाह का
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
More from Hafeez Jalandhari
इलाही एक ग़म-ए-रोज़गार क्या कम था कि इश्क़ भेज दिया जान-ए-मुब्तला के लिए
Hafeez Jalandhari
6 likes
रंग बदला यार ने वो प्यार की बातें गईं वो मुलाक़ातें गईं वो चाँदनी रातें गईं
Hafeez Jalandhari
25 likes
तसव्वुर में भी अब वो बे-नक़ाब आते नहीं मुझ तक क़यामत आ चुकी है लोग कहते हैं शबाब आया
Hafeez Jalandhari
25 likes
क्यूँँ हिज्र के शिकवे करता है क्यूँँ दर्द के रोने रोता है अब इश्क़ किया तो सब्र भी कर इस में तो यही कुछ होता है
Hafeez Jalandhari
9 likes
देखा जो खा के तीर कमीं-गाह की तरफ़ अपने ही दोस्तों से मुलाक़ात हो गई
Hafeez Jalandhari
18 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Hafeez Jalandhari.
Similar Moods
More moods that pair well with Hafeez Jalandhari's sher.







