किसी बहाने से उस की नाराज़गी ख़त्म तो करनी थी उस के पसंदीदा शाइ'र के शे'र उसे भिजवाए हैं
Related Sher
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
174 likes
उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
128 likes
तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
331 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
More from Ali Zaryoun
अजल से ले कर अब तक औरतों को सिवाए जिस्म क्या समझा गया है
Ali Zaryoun
31 likes
अस्र के वक़्त मेरे पास न बैठ मुझ पे इक साँवली का साया है
Ali Zaryoun
48 likes
तन्हा ही सही लड़ तो रही है वो अकेली बस थक के गिरी है अभी हारी तो नहीं है
Ali Zaryoun
54 likes
हम ऐसा कहने वाले जब तलक है ग़ज़ल बंदूक़ पर भारी रहेगी
Ali Zaryoun
40 likes
इस तरह से न आज़माओ मुझे उस की तस्वीर मत दिखाओ मुझे
Ali Zaryoun
70 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ali Zaryoun.
Similar Moods
More moods that pair well with Ali Zaryoun's sher.







