किसी कली किसी गुल में किसी चमन में नहीं वो रंग है ही नहीं जो तिरे बदन में नहीं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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तमाम शहर की ख़ातिर चमन से आते हैं हमारे फूल किसी के बदन से आते हैं
Farhat Ehsaas
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मिला है अब के इक ऐसा पढ़ा लिखा महबूब जो मेरे दिल के बराबर दिमाग़ रखता है
Farhat Ehsaas
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ये शहर वो है कि कोई ख़ुशी तो क्या देता किसी ने दिल भी दुखाया नहीं बहुत दिन से
Farhat Ehsaas
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घास की तरह पड़े हैं हम लोग न बुलंदी है न गहराई है
Farhat Ehsaas
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ऊपर उठती हुई एक गर्म हवा है मिरा दर्द मेरा लहजा कभी फ़रियाद नहीं हो सकता
Farhat Ehsaas
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