कोई तो पूछे मोहब्बत के इन फ़रिश्तों से वफ़ा का शौक़ ये बिस्तर पे क्यूँ उतर आया
Related Sher
दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
139 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
More from Harsh saxena
दुनिया के भरम को कुछ यूँँ तोड़ दिया मैं ने इस बार नसीबों का रुख़ मोड़ दिया मैं ने
Harsh saxena
1 likes
हासिल न कर पाया तुझे मैं मिन्नतों के बा'द भी उम्मीद सेंटा से लगाना लाज़मी भी है मिरा
Harsh saxena
1 likes
वो भी इक दौर था कि सावन में झूले पड़ते थे घर के आँगन में
Harsh saxena
4 likes
इस ज़िंदगानी की ग़ज़ल का क़ाफ़िया सा लगता है उस के बिना तो जैसे पूरा घर बुझा सा लगता है यूँँ तो कोई मंदिर नहीं दुनिया में उस के नाम का लेकिन न जाने क्यूँ मुझे वो देवता सा लगता है
Harsh saxena
4 likes
इस ज़माने में भी इक लड़का तुम्हें यूँँ चाहता है अपने रब से वो तुम्हारी जैसी बेटी माँगता है
Harsh saxena
4 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Harsh saxena.
Similar Moods
More moods that pair well with Harsh saxena's sher.







