कुछ इस तरह मुझ से गुजर छू कर मुझे ना हो ख़बर कोई सीधे दिल पर लगे कुछ बात कह कर फिर मुकर
Related Sher
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
More from Kohar
ज़ख़्म अपनों से मिले है ग़ैर पूछे हाल मेरा
Kohar
0 likes
उस को मुझ सेे दूरी पर रख कर अब मैं तन्हा अपनी रातें करता हूँ
Kohar
0 likes
सुन भी लो अब, रुक ही जाओ यूँ न कहना टाल मेरा
Kohar
0 likes
तुम मुझे चर्चों में मेरे बा'द रखना याद आऊं मुझ को ऐसे याद रखना
Kohar
0 likes
ज़िक्र अब भी मेरा किया होगा नाम इक मरतबा लिया होगा ग़म उसे ना सहें गए हो जब जाम पे जाम फिर पिया होगा
Kohar
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Kohar.
Similar Moods
More moods that pair well with Kohar's sher.







