क्या मुयस्सर सिवाए ज़िल्लत है आँख में आँसुओं की क़िल्लत है
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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ये फ़रेब-ए-हयात है गोया जिस को हम सब हयात कहते हैं
Sumit Panchal
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लुत्फ़ ये वस्ल के हैं सारे लिए हिज्र कब हिज्र है हमारे लिए
Sumit Panchal
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ये क़ैफियत है कि जब मेरा यार आँख में है गुलों का रंग, फिज़ां की बहार आँख में है
Sumit Panchal
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मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो फिर मेरे साथ चाहे जैसा हो
Sumit Panchal
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ख़ुद को तस्लीम कर लिया शाइ'र बस मुझे शा'इरी नहीं आती
Sumit Panchal
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