क्या तमाशा है कि कांधों पे नहीं सर फिर भी दोनों हाथों से हैं दस्तार सँभाले हुए लोग
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे
Tehzeeb Hafi
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कहाँ हो राम आ कर देख तो लो तुम्हारे नाम पर क्या हो रहा है
Shakir Dehlvi
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मैं उन की क्या से क्यूँँ से लड़ रहा हूँ वो मेरी हाॅं से हूँ से लड़ रहे हैं
Shakir Dehlvi
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चारा-गर कुछ तो बता क्या है मुदावा ग़म का मौत है इश्क़ है दारू है दवा है क्या है
Shakir Dehlvi
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वो बे-मतलब नहीं मिलता किसी से उसे मुझ सेे कोई तो काम होगा
Shakir Dehlvi
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इस लिए भी मेरा जाना है ज़रूरी शाकिर मुंतज़िर हैं मेरे तलवार निकाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
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