चारा-गर कुछ तो बता क्या है मुदावा ग़म का मौत है इश्क़ है दारू है दवा है क्या है
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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आप को हासिल है साहब आप समझेंगे नहीं ज़िंदगी कैसे गुज़रती है मोहब्बत के बग़ैर
Shakir Dehlvi
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आप ख़ुद माँगेंगे इस के ख़त्म होने की दुआ बस तसव्वुर कीजिए दुनिया का औरत के बग़ैर
Shakir Dehlvi
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ये तेरे हिज्र की तन्हाई के पाले हुए लोग मारे फिरते हैं तेरे दिल से निकाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
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क्या तमाशा है कि कांधों पे नहीं सर फिर भी दोनों हाथों से हैं दस्तार सँभाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
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कहाँ हो राम आ कर देख तो लो तुम्हारे नाम पर क्या हो रहा है
Shakir Dehlvi
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