क्या तुम तब भी ऐसे ही चुप-चाप तमाशा देखोगे इस मुश्किल में फँसने वाली अगर तुम्हारी बेटी हो
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
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आप का काम हो गया साहब लाश दरिया में फेंक दी मैं ने
Zia Mazkoor
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कोई कहता नहीं था लौट आओ कि हम पैसे ही इतने भेजते थे तुम्हारा शुक्रिया ऐ डूबती नाव कि हम भी तैरना भूले हुए थे
Zia Mazkoor
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जगह जगह न तअल्लुक़ ख़राब कर मेरा तेरे लिए तो किसी से भी लड़ पड़ूँगा मैं
Zia Mazkoor
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वक़्त ही कम था फ़ैसले के लिए वर्ना मैं आता मशवरे के लिए तुम को अच्छे लगे तो तुम रख लो फूल तोड़े थे बेचने के लिए
Zia Mazkoor
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यहाँ से जाने की जल्दी किस को है तुम बताओ ये सूटकेसों में कपड़े किस ने रखे हुए हैं करा तो लूँगा इलाक़ा ख़ाली मैं लड़-झगड़ कर मगर जो उस ने दिलों पे क़ब्ज़े किए हुए हैं
Zia Mazkoor
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