लिबास जैसे मुसाफ़िर बदलता रहता है किसी सफ़र पे कभी ए'तिबार मत करना
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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यूँँ जो तकता है आसमान को तू कोई रहता है आसमान में क्या
Jaun Elia
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ये दुनिया जो अपनों को भी याद नहीं अब करती है मुझ को याद रखेगी इस उम्मीद पे ही दम तोड़ा हूँ
SHIV SAFAR
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तुम्हें इन बाहों में भरकर ख़ुशी से झूम लूॅंगा मैं अगर तुम ने जो कुछ पूछा क़सम से चूम लूॅंगा मैं
SHIV SAFAR
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साँसों की रेलगाड़ी ठहरना है चाहती ज़ंजीर मेरी ज़िंदगी की खींच दे कोई
SHIV SAFAR
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साथ इक दूजे के हम होते जनाब पास फिर इतने न ग़म होते जनाब मुझ सेे ही होती समुंदर में नमी दुख जो रो लेने से कम होते जनाब
SHIV SAFAR
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मख़मली बिस्तर तो घर में कल ही मैं ला दूँ मगर सोचता हूँ नींद आँखों में कहाँ से लाऊॅंगा
SHIV SAFAR
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