लोग कहते हैं कि इस खेल में सर जाते हैं इश्क़ में इतना ख़सारा है तो घर जाते हैं
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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वो अपने ख़ून से लिखने लगी है नाम मेरा अब इस मज़ाक़ को संजीदगी से लेना है
Shakeel Jamali
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कुछ लोग हैं जो झेल रहे हैं मुसीबतें कुछ लोग हैं जो वक़्त से पहले बदल गए
Shakeel Jamali
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शदीद गर्मी में कैसे निकले वो फूल-चेहरा सो अपने रस्ते में धूप दीवार हो रही है
Shakeel Jamali
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मसअला ख़त्म हुआ चाहता है दिल बस अब ज़ख़्म नया चाहता है
Shakeel Jamali
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अभी रौशन हुआ जाता है रस्ता वो देखो एक औरत आ रही है
Shakeel Jamali
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