मिलना क़ुबूल तेरे होंठों से होंठ लेकिन होंठों के मिलने भर से मिलते नहीं हैं दो दिल
Related Sher
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
मैं चाहता था मुझ सेे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
Umair Najmi
99 likes
हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
179 likes
ये प्यार तेरी भूल है क़ुबूल है मैं संग हूँ तू फूल है क़ुबूल है तू रूठेगी तो मैं मनाऊँगा नहीं जो रूल है वो रूल है क़ुबूल है
Varun Anand
96 likes
नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
183 likes
More from Rehaan
था दौर क्या ख़ूब जब हुआ करते थे चमकता सितारा हम भी ये हादसा है कि फिर सितारे को चाँद से हो गई मोहब्बत
Rehaan
1 likes
शिकस्त-ए-दिल है ग़म ऐसा कहीं लज़्ज़त नहीं आती मिले कितने भी ता'ने फिर मगर ज़िल्लत नहीं आती गुमाँ है हुस्न पे उस को चढ़ा हमपे ख़ुमार-ए-इश्क़ उसे उल्फ़त नहीं आती हमें ग़ैरत नहीं आती
Rehaan
1 likes
थी दिल-लगी की ख़बर हमें भी था इल्म उन को भी आशिक़ी का ये हादसा है कि अपनी-अपनी जगह पे दोनों मुकर गए हैं
Rehaan
1 likes
चॉकलेट तो क़ुबूल है तुम्हारा पर सुनो ये नुमाइशें न ला सकेंगी रिश्तों में मिठास
Rehaan
1 likes
इक रोज़ मैं ने उस सेे ही वापस मिलाया था उसे और ले गई इक दिन मुझे फिर छीन कर वो मुझ सेे ही
Rehaan
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rehaan.
Similar Moods
More moods that pair well with Rehaan's sher.







