mizaah likhna apne lahoo mein tap kar nikharne ka naam hai.
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तेरा बनता था कि तू दुश्मन हो अपने हाथों से खिलाया था तुझे तेरी गाली से मुझे याद आया कितने तानों से बचाया था तुझे
Ali Zaryoun
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हर शे'र हर ग़ज़ल पे है ऐसी छाप तेरी तस्वीर बन रही है इक अपने आप तेरी तेरे लिए किसी को इतना दीवाना देखा लगने लगी है मुझ को चाहत भी पाप तेरी
Sandeep Thakur
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अपने दिल में बसाओगे हम को और गले से लगाओगे हम को हम नहीं इतने प्यार के क़ाबिल तुम तो पागल बनाओगे हम को
Abrar Kashif
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सादा हूँ और ब्रैंड्स पसंद नहीं मुझ को मुझ पर अपने पैसे ज़ाया' मत करना
Ali Zaryoun
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रोया हूँ तो अपने दोस्तों में पर तुझ से तो हँस के ही मिला हूँ
Jaun Elia
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ज़रा रख ले तू नाम उस का लबों पर ख़ुदा की इबादत में राहत मिलेगी
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उस सेे कहने में जब शरम आई तब मिरे हाथों में क़लम आई ज़िन्दगी मेरे हिस्से में तू भी आई लेकिन बहुत ही कम आई
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तू कहीं मत जा छोड़ कर मुझ को क्या करूँँगा तेरे बग़ैर यहाँ
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ज़िंदगी भर यूँँ मेरे दिल को दुखाया था बहुत क़ब्र पर आया है वो मुझ से मुआ'फ़ी के लिए
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ताकि मिरी इक ख़्वाहिश तो पूरी हो जाए इस की ख़ातिर इक तारे ने ख़ुद-कुशी कर ली
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