sherKuch Alfaaz

मोहब्बत हम सेे ऐसे पेश आती है हमें नफ़रत की ज़द में छोड़ जाती है

Related Sher

तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

1279 likes

शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

Jaun Elia

839 likes

तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा

Santosh S Singh

339 likes

उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी

Ali Zaryoun

361 likes

हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा

Bashir Badr

373 likes

More from Mohit Dixit

इस कहानी में कहीं नाम हमारा भी तो था उस सेे कहना कि सिकन्दर कभी हारा भी तो था

Mohit Dixit

1 likes

ज़ेहन-ओ-दिल में मेरे पेच है इक फँसी तुझ को जाना है तो जा चला जा अभी इश्क़ है तुझ सेे या है महज़ दिल-लगी तुझ को जाना है तो जा चला जा अभी ये तअल्लुक़ भी आसाँ नहीं हम-सफ़र मोड़ आने हैं आएँगे आगे मगर घर पलटने का ये मोड़ है आख़िरी तुझ को जाना है तो जा चला जा अभी

Mohit Dixit

2 likes

ये शहर आम सा ही शहर है बहिश्त नहीं बस इक अज़ीज़ रहा करता था यहाँ मेरा

Mohit Dixit

2 likes

न पहला था न हूँ मैं आख़िरी ही बज़्मे-जानाँ में मगर मैं चाहता था सिलसिला मुझ पे रुका होता

Mohit Dixit

2 likes

कल भी आया था मैं खिड़की पे थे पंछी बैठे तुम को आवाज़ लगाता तो वो उड़ जाने थे

Mohit Dixit

2 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Mohit Dixit.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Mohit Dixit's sher.