muddaton ba'd mayassar hua man ka aanchal muddaton ba'd hamein nind suhani aai
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता
Tehzeeb Hafi
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
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हमें भी वक़्त ने पत्थर सिफ़त बना डाला हमीं थे मोम की सूरत पिघलने वाले लोग सितम तो ये कि हमारी सफ़ों में शामिल हैं चराग़ बुझते ही ख़ेमा बदलने वाले लोग
Iqbal Ashhar
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आज फिर नींद को आँखों से बिछड़ते देखा आज फिर याद कोई चोट पुरानी आई
Iqbal Ashhar
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वो जो ख़्वाब थे मेरे ज़ेहन में न मैं कह सका न मैं लिख सका कि ज़बाँ मिली तो कटी हुई जो क़लम मिला तो बिका हुआ
Iqbal Ashhar
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मुद्दतों ब'अद मुयस्सर हुआ माँ का आँचल मुद्दतों ब'अद हमें नींद सुहानी आई
Iqbal Ashhar
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वो किसी को याद कर के मुस्कुराया था उधर और मैं नादान ये समझा कि वो मेरा हुआ
Iqbal Ashhar
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