मुझ को लगती शराब जैसी है वो जो लड़की गुलाब जैसी है उस को कोई भी छू नहीं सकता वो हक़ीक़त में ख़्वाब जैसी है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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युद्धों के परिणाम अवध में लौटे हैं जबसे अपने राम अवध में लौटे हैं ऐसी ज्योति जगी है घर में दीपों से जैसे चारों धाम अवध में लौटे हैं
Murari Mandal
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ये है मिथ्या सताती है मुहब्बत सभी को रास आती है मुहब्बत मेरे सपने में आ कर एक लड़की मुझे जबरन सिखाती है मुहब्बत
Murari Mandal
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इक परी ने ही दिया है ये हुनर भी अब विरह के गीत जो मैं गा रहा हूँ
Murari Mandal
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पहले आना आ कर जाना आप की मर्ज़ी थी सारी मेरा क्या है मैं तो तन्हा कल भी था और आज भी हूँ
Murari Mandal
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याद ही है आसरा अब मौत ही है रास्ता अब वो अगर आ भी गया तो हो नहीं सकता मेरा अब
Murari Mandal
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