sherKuch Alfaaz

मुलाक़ात कुछ इस कदर हुई उन सेे की कुछ बात हो न पाई वो डूबी रही मेरी आँखों में और सारी रात सो न पाई उन के इश्क़ में बेचैन हम रात भर करवटे बदलते रहे वस्ल के इंतिज़ार में तमाम रात हम फ़क़त टहलते रहे

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वो कही मिले तो पूछना उस सेे बे-वफ़ाई की वजह क्या थी? उस का मोहब्बत से दिल भर गया था या कहीं और दिल लग गया था

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ये तेरी गली के बच्चें भी शैतानों के बाप है कहते है कि सारे जीजू में सब सेे अच्छे वाले आप है

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नींद ज़रूरी है कोई ख़्वाब देखने के लिए वो छत पे आई है महताब देखने के लिए कोई समझाये उसे की वो कोई हक़ीम नहीं वो ज़िद कर रही है मेरा अज़ाब देखने के लिए

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जब से देखा है उसे किसी और कि बाहों में तब से मैं चैन से सो नहीं पा रहा उस ने क़सम दी थी मुझे कभी न रोने की रोना तो चाहता हूँ, मगर रो नहीं पा रहा

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हर टूटता तारा इस बात की गवाही देगा हर टूटते तारें में मैं ने तुझे माँगा है

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