न मुस्लिम बनूँगा न हिंदू बनूँगा मोहब्बत का मैं केन्द्र बिन्दू बनूँगा
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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किसी को भी कभी भी ग़म नहीं देंगे हमें मिलता रहा पर हम नहीं देंगे
Manoj Devdutt
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वक़्त जब जाने का आया है तब मुझे उस ने बुलाया है
Manoj Devdutt
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ज़ौक़-ए-मोहब्बत चख लिया हम ने और जानने को कुछ नहीं है अब
Manoj Devdutt
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साथ चलना ही तो कठिन रहा है छोड़ जाना आसान है हमेशा
Manoj Devdutt
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संघर्ष की आग में ही तो तपा हूँ फिर मैं कहाँ कच्ची मिट्टी का घड़ा हूँ
Manoj Devdutt
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