nai mushkil koi darpesh har mushkil se aage hai safar diwangi ka ishq ki manzil se aage hai
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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अब अँधेरों में जो हम ख़ौफ़-ज़दा बैठे हैं क्या कहें ख़ुद ही चराग़ों को बुझा बैठे हैं
Khushbir Singh Shaad
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मुझ को समझ न पाई मिरी ज़िंदगी कभी आसानियाँ मुझी से थीं मुश्किल भी मैं ही था
Khushbir Singh Shaad
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रगों में ज़हर-ए-ख़ामोशी उतरने से ज़रा पहले बहुत तड़पी कोई आवाज़ मरने से ज़रा पहले
Khushbir Singh Shaad
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ख़ुशियाँ देते देते अक्सर ख़ुद ग़म में मर जाते हैं रेशम बुनने वाले कीड़े रेशम में मर जाते हैं
Khushbir Singh Shaad
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