परमिशन चाहता हूँ देख ये शीशे से मैं बाँधने लग गया हूँ रस्सी को पंखे से मैं
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
201 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
136 likes
More from Sohaib Alvi
रेशमी ज़ुल्फ़ों के तुम अपनी इशारे समझो आज रंगीन करें रात क़रीब आ जाओ
Sohaib Alvi
2 likes
तेरा लेना ना इक ना देना दो भाई तू क्यूँँ अकड़ के बैठ गया
Sohaib Alvi
3 likes
जब बच्चों के हाथों वालिद की शामत आ जाएगी पैगंबर ने फरमाया था कि कयामत आ जाएगी
Sohaib Alvi
3 likes
हम ने तय है किया सिगरेट से बीड़ी का सफ़र आप हम को न बताएँ कि ग़रीबी क्या है
Sohaib Alvi
3 likes
हमें जहन्नमी किताबों तक में भी कहा गया हमीं ने अपने बाप पर भी हाथ तक उठाया है
Sohaib Alvi
3 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sohaib Alvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Sohaib Alvi's sher.







