फिर चाहे तो न आना ओ आन बान वाले झूटा ही वअ'दा कर ले सच्ची ज़बान वाले
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
राम कथा में जाने वाले लाखों लोग राम के जैसा बनने वाला एक नहीं
Tanoj Dadhich
106 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
More from Arzoo Lakhnavi
हद से टकराती है जो शय वो पलटती है ज़रूर ख़ुद भी रोएँगे ग़रीबों को रुलाने वाले
Arzoo Lakhnavi
6 likes
किस ने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी
Arzoo Lakhnavi
17 likes
आरज़ू' जाम लो झिजक कैसी पी लो और दहशत-ए-गुनाह गई
Arzoo Lakhnavi
15 likes
मोहब्बत वहीं तक है सच्ची मोहब्बत जहाँ तक कोई अहद-ओ-पैमाँ नहीं है
Arzoo Lakhnavi
17 likes
मोहब्बत नेक-ओ-बद को सोचने दे ग़ैर-मुमकिन है बढ़ी जब बे-ख़ुदी फिर कौन डरता है गुनाहों से
Arzoo Lakhnavi
24 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Arzoo Lakhnavi.
Similar Moods
More moods that pair well with Arzoo Lakhnavi's sher.







